श्रेष्ठ भारत में उत्तम राज्य है, पिचत्तर जनपदों का साथ है।
क्षेत्रफल में पाँचवाँ, जनसंख्या में पहला स्थान है।
श्रीराम जी की जन्मस्थली और शंभू जी की पुण्यभूमि है,
कन्हैया का अवतरण स्थल, राधा रानी का प्रेम मंदिर यहाँ की ध्वनि है।
पाँच नदियों का प्रवाह, जिनके घाटों पर होती पूजा की परंपरा है,
त्रिवेणी संगम , कुम्भ में संस्कृतियों का पावन समागम बसा है।
ऐतिहासिक धरोहरों की गरिमा और धार्मिक स्थलों की विशेष पहचान है,
हस्तकला की निपुणता और उद्ध्योगो का गौरवगान है।
इसी भूमि ने रचा वो स्वर्णिम इतिहास,
जब धरती पुत्र बना देश का विश्वास।
श्री चौधरी चरण सिंह जी किसान नेता, जननायक महान,
उत्तर प्रदेश का गौरव, राष्ट्र का अभिमान।
बनारसी साड़ी की शान, लखनवी कढ़ाई की जान है,
प्रकृति के जल और जीव का अनुपम जुड़ाव यहाँ की पहचान है।
रामनगर का किला, मेढ़क मंदिर की अद्भुत कथा है,
ऋषियों के ज्ञान, गद्य और पद्य का अनुपम व्याख्यान यहाँ बहता है।
हर धर्म को समर्पित एक समृद्ध खजाना है,
स्वतंत्रता सेनानी हों या आध्यात्मिक विभूतियाँ – हर ओर सम्मानित ठिकाना है।
मनोरंजन जगत के अनेक सितारे इस मिट्टी के उपहार हैं,
शास्त्र, शस्त्र, संगीत, साहित्य और नृत्य इस राज्य की पहचान हैं।
देश का गन्ने का कटोरा, एक दिन की राजधानी का गौरव भी यहाँ है,
महान विभूतियों का समर्पण ही इसकी असली गहना है।
इंद्रधनुष सी ज़मीन, विविधता भरी सांस्कृतिक छाया है,
हर ज़िले का पर्व विशेष, त्यौहारों में अनूठी माया है।
हर दिन नया इतिहास गढ़ता, पर मिट्टी से जुड़ा रहता है,
धरोहरों का संरक्षण और आधुनिक विकास साथ चलता है।
सन्यासी से मुख्यमंत्री तक की प्रेरणादायक गाथा है,
हर वर्ग के उत्थान का, यह प्रदेश तो सच्चा भागीदार है।
छोटे से भारत की सजीव झलक है,
यही तो हमारा उत्तर प्रदेश है।